Wednesday, June 17, 2015
भारतीय विदेश सेवा के अफसर इलाहाबाद के रहने वाले विकास स्वरूप 20 जनवरी 2015 को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक समारोह में आए थे। तब मैंने उनसे बात कर उनके तीसरे उपन्यास पर बन रही फिल्म से बारे में जानकारी ली थी। अब इस फिल्म के कलाकार फाइनल हो चुके हैं दीपिका पादुकोण और अनिल कपूर इसमें अभिनय करने जा रहे हैं। बड़ी रोचक है यह कहानी आप अगर पढ़ना चाहें।
विकास स्वरूप के तीसरे उपन्यास पर भी बन रही फिल्म
----------शहर की शान---------
-पहले उपन्यास पर बनी फिल्म स्लम डॉग मिलेनियर ने जीते थे ऑस्कर के सात पुरस्कार
-दिल्ली मेंइलेक्ट्रानिक्स की दुकान पर काम करने वाली सेल्स गर्ल पर आधारित है इसकी कहानी
इलाहाबाद प्रमुख संवाददाता
जाने-माने लेखक एवं भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अफसर विकास स्वरूप के तीसरे उपन्यास दी एक्सीडेन्टल आप्रेन्टिस पर भी बहुत जल्द फिल्म बन जाएगी। एक हसीना थी, जॉनी गद्दार और एजेन्ट विनोद जैसी थ्रिलर फिल्मों का निर्देशन कर चुके श्रीराम राघवन उनके इस उपन्यास पर फिल्म बना रहे हैं। श्री स्वरूप के उपन्यास क्यू एण्ड ए पर बनी फिल्म स्लम डॉग मिलेनियर ने ऑस्कर के सात श्रेणी के पुरस्कार जीते थे।
भारत में 15 करोड़ से अधिक का व्यवसाय करने वाली इस फिल्म की कहानी मुम्बई के जुहू की मलिन बस्ती में रहने वाले एक युवा जमाल मलिक पर आधारित थी। जो एक क्विज शो में शामिल होकर अपनी याददास्त के आधार पर प्रश्नों का उत्तर देता है। इविवि में आयोजित कार्यक्रम में श्री स्वरूप ने अपने तीनों उपान्यास क्यू एण्ड ए, सिक्स सस्पेक्ट्स और दी एक्सीडेन्टल आप्रेन्टिस की कहानी के बारे में चर्चा की। वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद स्वरूप के बेटे श्री स्वरूप ने बताया कि सिक्स सस्पेन्स हत्या में शामिल यूपी के गृह मंत्री के एक बेटे की कहानी है जबकि दी एक्सीडेन्टल आप्रेन्टिस की कहानी दिल्ली की एक इलेक्ट्रानिक दुकान पर काम करने वाली सेल्स गर्ल की है। सामान्य सी इस सेल्स गर्ल को एक कंपनी इस शर्त के साथ अपना सीईओ बनाने के लिए ऑफर करती है कि उसे सात टेस्ट पास करने होंगे। इस टेस्ट में उसके चरित्र, हिम्मत और काबिलियत की परीक्षा ली जाती है।
तन्हाई ने बना दिया लेखक
श्री स्वरूप ने कहा कि उन्होंने अपना पहला उपन्यास क्यू एण्ड ए लंदन में रहते हुए तब लिखा था जब उनकी पत्नी अर्पणा और बच्चे आदित्य और वरूण उनके साथ नहीं थे। मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा कि उपन्यास लिख उन्होंने इस बात को झूठला दिया था कि हर सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला का हाथ होता है।
दामाद सरीखी होती है ऐसी फिल्म...
श्री स्वरूप ने कहा कि स्लम डॉग मिलेनियर रीलिज होने के बाद ऐसी खबर आई थी कि वह इस फिल्म से संतुष्ट नहीं हैं लेकिन ऐसा नहीं था क्योंकि उपन्यास छपने से पहले ही फिल्म के लिए यह कहानी ले ली गई थी और उस वक्त उन्हें बता दिया गया था कि पूरे उपान्यास नहीं बल्कि इसकी आत्मा पर फिल्म बनेगी। उन्होंने कहा कि उस वक्त उनसे जब सवाल पूछे गए तो उन्हें जाने-माने फिल्म निर्माता की बात याद आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उपन्याय लेखक की बेटी होती है और उस उपन्यास पर बनी फिल्म उसका दामाद और दामाद की बुराई सार्वजनिक तौर पर नहीं की जाती है।
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